मंगलायतन विश्वविद्यालय 16 मई आयोजित करेगा नौवां दीक्षांत समारोह

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1405 विद्यार्थियों को डिग्री, 09 को स्वर्ण व 10 को मिलेंगे रजत पदक

मंगलायतन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के संबंध में अलीगढ़ के होटल गोल्ड इन लीफ में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में नौ वें दीक्षांत समारोह के संबंध में जानकारी साझा की गई। बताया गया कि दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी की महासचिव डा. (श्रीमती) पंकज मित्तल होंगी। इनके अलावा मंविवि के कुलाधिपति, प्रख्यात पत्रकार, शिक्षाविद श्री अच्युतानंद मिश्र, विक्रम विवि, उज्जैन के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पाण्डेय, चेयरमेंन श्री हेमंत गोयल, और गुरू जी श्री ऋषिराज महाराज भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। आयोजन 16 मई को सुबह 11 बजे से होगा। इस दौरान मुख्य अतिथि विद्यार्थियों को पदक और डिग्रियां प्रदान करेंगी।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 1405 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इनमें 09 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 10 विद्यार्थियों को रजत पदक प्रदान किए जाएंगे। साथ ही 14 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी जाएगी।

वार्ता के दौरान कुलपति ने बताया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद, जिसे हम सभी (छ।।ब्) के नाम से जानते हैं। उसकी टीम ने मार्च माह में मंविवि का निरीक्षण किया। इसके उपरान्त टीम की अनुशंसा पर विश्वविद्यालय को ‘ए प्लस’ ग्रेड प्रदान किया गया। यह विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि है।

विश्वविद्यालय अपने स्थापना के दिनों से ही जैन दर्शन, शिक्षा और जैन समुदाय के मूल्यों को संरक्षित रखने के लिए योगदान देता रहा है। इसका ही परिणाम है कि राष्ट्रीय आयोग अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान ने मंविवि को जैन अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान का दर्जा प्रदान किया है, जोकि जैन अध्ययन के लिए उपयोगी साबित होगा।

वार्ता में कुलपति श्री दशोरा ने बताया कि मंविवि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति के पथ पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विश्वविद्यालय उच्च कोटि की शिक्षा एवं विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास के लिए कृत संकल्पित है। विश्वविद्यालय में विषय विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों के कौशल को बढ़ाने पर बल दिया जा रहा है।

वार्ता के दौरान कुलपति ने कहा कि आगामी शिक्षा सत्र में हम कई नवीन पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहे है। जिसमें दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस एजूकेशन) विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन कोर्स और नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत वेब डिजायनिंग, आईपीआर, कंटेंट राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन, प्लेइंग गिटार, पेंटिंग जैसे कई व्यावसायिक कोर्स शुरू किए गए हैं।

 

विवि ने मेडिकल के क्षेत्र में भी कदम बढाए हैं। इसके लिए आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एंड रिसर्च, सेंटर भी संचालित किया जा रहा है। इससे पूर्व नर्सिंग व पैरामेडिकल का कोर्स शुरू किए जा चुके हैं। जिसमें काफी संख्या में और दूरदराज से छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विश्वविद्यालय स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सजग है, इसलिए 2019 में आयुर्वेदा के 100 बेड से शुरू किया गया अस्पताल, अब आधुनिक चिकित्सा के साथ 350 बेड का हो गया हैं। जिसमें समीपवर्ती ग्रामीण जनता के स्वास्थ्य और अच्छी सेहत को ध्यान में रखते हुए उपचार होता है। विवि के प्रमुख द्वार पर खोले गए जन औषधि केंद्र से मरीजों को सस्ती दवाएं आसानी से उपलब्ध होती हैं।

अच्छा इलाज और सस्ती दवा ही विवि का ध्येय नहीं है बल्कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सामाजिक दायित्व का निर्वहन समेत बुनियादी आवश्यकताओं की समस्याओं और उनके समाधान की जानकारी सामुदायिक रेडियो के माध्यम से देना भी लक्ष्य है। विवि के सात प्रमुख प्रणालियों में से एक सामुदायिक रेडियो अपने गुणवत्तापरक कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण अंचल में मनोरजन के साथ ज्ञानार्जन भी कराता है। समुदाय के सतत विकास के लिए रेडियो द्वारा प्रोजेक्ट्स भी चलाए जाते हैं।

विवि की खास बात है कि कानून संबंधी जानकारी ग्रामीणों को देने और जागरूक करने के लिए विवि विधिक सहायता केंद्र चलाता है जिसमें प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शनिवार को सुबह 10 से 12 बजे तक लॉ डिपार्टमेंट से विधि विशेषज्ञ ग्रामीणों को उनकी कानूनी समस्याओं के निवारण के लिए सम्बंधित जानकारी प्रदान करते हैं।

कुलपति श्री दशोरा ने बताया कि महिला कर्मचारियों को उनके छोटे बच्चों को लेकर काम करने में दिक्कत न हो इसके लिए डे-केयर खोला है जिसमें वर्किंग टाइम में ‘आया’ उनकी देखभाल करती हैं।

विवि ने ग्राम सुधार के लिए भी कार्य किए हैं। इसलिए गांवों को गोद लिया है, पूर्व में बौना गांव को गोद लिया था। अब लोरिया, कांड़ली, नया बांस, महतापुर, मोहकमपुर को गोद लिया है। इन गांवों में समय-समय पर सामाजिक कार्य करने के साथ स्वास्थ्य शिविर, साक्षरता शिविर आदि लगाए जाते हैं। ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान भी किए जाते हैं।

समारोह का होगा लाइव प्रसारण

कुलपति ने यह भी बताया कि दीक्षांत समारोह का लाइव प्रसारण विश्वविद्यालय के सोशल मीडिया पेज फेसबुक व यू-ट्यूब पर भी किया जाएगा। दीक्षांत समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में होगा। वार्ता के अंत में कुलसचिव ब्रिगेडियर समरवीर सिंह ने प्रेस प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा, वित्त सलाहकार श्री अतुल गुप्ता एवं पत्रकारिता एवं जनसचार विभाग के अध्यक्ष डा. संतोष कुमार गौतम आदि उपस्थित रहे।

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